समूएल का दूसरा ग्रन्थ : अध्याय 4
1) जब साऊल के पुत्र इशबोशेत को यह पता चला कि अबनेर हेब्रोन में मारा गया है, तो उसका साहस टूट गया और दूसरे इस्राएली भी घबरा उठे।
2) साऊल के पुत्र के पास दो आदमी थे, जो छापामारी दलों के नेता थे। एक का नाम बाना था और दूसरे का, रेकाब। वे बेनयामीनवंशी बएरोत के निवासी रिम्मोन के पुत्र थे; क्योंकि बएरोत की गणना बेनयामीन में की जाती है।
3) बएरोत के निवासी गिताईम भाग गये थे और वे आज तक वहाँं प्रवासी होकर रहते हैं।
4) साऊल के पुत्र योनातान का एक पुत्र था, जो दोनों पांँव से लंँगड़ा था। जब साऊल और योनातान के विषय में यिज्र+एल से समाचार आया, तो वह पांँच वर्ष का था। उसकी दाई उसे ले कर भाग गयी। भागने की जल्दी में वह गिर गया था और लंँगड़ा हो गया। उसका नाम मफ़ीबोशेत था।
5) बएरोतवासी रिम्मोन के पुत्र रेकाब और बाना इशबोशेत के घर की ओर चले और वहांँ कड़ी धूप में पहँुंचे। उस समय इशबोशेत दोपहर का विश्राम कर रहा था।
6) वे गेहँूं के पूले लिये घर में घुसे और उन्होंने उसके पेट में छुरा भोंक दिया। इसके बाद रेकाब और उसका भाई बाना भाग गये।
7) वे घर घुस गये थे, जब वह अपने शयनागार में पलंग पर सो रहा था। उन्होंने छुरा मारकर उसका वध किया और उसका सिर काट लिया। वे उसका सिर ले कर अराबा के मार्ग पर सारी रात चलते रहे।
8) फिर उन्होंने इशबोशेत का सिर हेब्रोन में दाऊद के पास ले जा कर राजा से कहा, ÷÷अपने शत्रु, साऊल के पुत्र इशबोशेत का सिर देखिए। यह आपके प्राणों का गाहक था। लेकिन आज प्रभु ने मेरे स्वामी, राजा के लिए साऊल और उसके वंशजों से बदला चुका लिया है।''
9) दाऊद ने बएरोतवासी रिम्मोन के पुत्र रेकाब और उसके भाई बाना को उत्तर दिया, ÷÷सब प्रकार के संकटों से मेरी रक्षा करने वाले प्रभु की शपथ!
10) मैंने उस मनुष्य को, जो यह समाचार लाया था कि साऊल की मृत्यु हो गयी है और जिसने यह सोचा था कि यह अच्छा समाचार है, सिकलग में, पकड़वा कर मरवा डाला था। मैंने उसे उसके समाचार के लिए वही पुरस्कार दिया।
11) अब यदि दुष्टों ने एक भले आदमी को, उसके अपने घर में, उसके पलंग पर मार डाला हो, तो क्या मैं तुम से उसके रक्त का प्रतिशोध न लूँ और तुम्हें पृथ्वी पर से न मिटा दूँ?''
12) इस पर दाऊद ने नवयुवकों को आदेश दिया और उन्होंने उनका वध किया। उन्होंने उनके हाथ-पाँव काट कर उन्हें हेब्रोन के कुण्ड के पास लटका दिया। उन्होंने इशबोशेत का सिर ले कर हेब्रोन में अबनेर की क़ब्र में दफ़ना दिया।
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