विश्वास की विनती

हे मेरे ईश्वर, जो कुछ तूने बतलाया और पवित्र कलीसिया विश्वास करने को सिखलाती है, उन सब बातों पर मैं ढृढ़ विश्वास करता हूँ।  मैं इस विश्वास में जीना और मरना चाहता हूँ।  आमेन।