हिंदी बाइबिल - नया विधान
सन्त मत्ती ( Matthew )
सन्त मारकुस ( Mark )
सन्त लूकस ( Luke )
सन्त योहन ( John )
प्रेरित-चरित ( Acts of the Apostles )
रोमियों के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Romans )
कुरिन्थियों के नाम सन्त पौलुस का पहला पत्र ( 1 Corinthians )
कुरिन्थियों के नाम सन्त पौलुस का दूसरा पत्र ( 2 Corinthians )
गलातियों के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Galatians )
एफ़ेसियों के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Ephesians )
फ़िलिप्पियों के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Philippians )
कलोसियों के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Colossians )
थेसलनीकियों के नाम सन्त पौलुस का पहला पत्र ( 1 Thessalonians )
थेसलनीकियों के नाम सन्त पौलुस का दूसरा पत्र ( 2 Thessalonians )
तिमथी के नाम सन्त पौलुस का पहला पत्र ( 1 Timothy )
तिमथी के नाम सन्त पौलुस का दूसरा पत्र ( 2 Timothy )
तीतुस के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Titus )
फ़िलेमोन के नाम सन्त पौलुस का पत्र ( Philemon )
इब्रानियों के नाम पत्र ( Hebrews )
सन्त याकूब का पत्र ( James )
सन्त पेत्रुस का पहला पत्र ( 1 Peter )
सन्त पेत्रुस का दूसरा पत्र ( 2 Peter )
सन्त योहन का पहला पत्र ( 1 John )
सन्त योहन का दूसरा पत्र ( 2 John )
सन्त योहन का तीसरा पत्र ( 3 John )
सन्त यूदस का पत्र ( Jude )
सन्त योहन का प्रकाशना-ग्रन्थ ( Revelation )