Questions & Answers
प्रभु येसु के शिष्य
येसु के बारह शिष्य कौन-कौन थे?
जब प्रभु येसु शिक्षा देते थे तब उनकी बातें सुनने के लिए भीड़ एकत्र होती थी। उनमें कुछ लोग उनके पीछे-पीछे चलते थे। उन में से उन्होंने बहत्तार शिष्यों को नियुक्त किया और उन्हें सुसमाचार का प्रचार-प्रसार करने हेतु नगरों और गाँवों में भेजा (देखिए लूकस 10:1-12)। अपने शिष्यों में से बारह को उन्होंने प्रेरित नियुक्त किया। उनके नाम इस प्रकार है- पहला, सिमोन, जो पेत्रुस कहलाता है, और उसका भाई अन्द्रेयस; जेबेदी का पुत्र याकूब और उसका भाई योहन; फिलिप और बरथोलोमी; थोमस और नाकेदार मत्ती; अलफ़ाई का पुत्र याकूब और थद्देयुस; सिमोन कनानी और यूदस इसकारियोती, जिसने ईसा को पकड़वाया (देखिये मत्ती 10:2-4)। इनमें से तीन - पेत्रुस, योहन और याकूब को कुछ विशेष अवसरों पर प्रभु के साथ उपस्थित रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वे प्रभु के रूपान्तरण (मत्ती 17:1), जैरुस की बेटी की चंगाई (मारकुस 5:37) और प्राणपीड़ा (मत्ती 26:37) के साक्षी थे।