Questions & Answers
कलीसिया
प्रोटेस्टेन्ट कलीसिया कैसे शुरू हुई?
जर्मनी के मार्टिन लूथर ने सन् 1517 में कलीसिया के विरुद्ध एक आंदोलन शुरू किया। उन्होंने संत पापा और धर्माध्यक्षों की कड़ी आलोचना की, पूजन-विधि तथा धार्मिक शिक्षा का बहिष्कार किया, कलीसिया में प्रचलित कई प्रथाओं की निन्दा की और लोगों को यह सिखाया कि उन्हें बाइबिल के अलावा किसी भी शिक्षा पर ध्यान देने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने सिखाया कि विश्वास ही किसी को मुक्ति दिला सकता है न कि संस्कार तथा धर्मविधि। योहन काल्विन और उलरिह स्विंग्ली ने मार्टिन लूथर के साथ मिलकर इस आंदोलन को पूरे यूरोप में फैलाया। कलीसिया में हलचल मच गयी। बडी संख्या में लोगों ने इन प्रोटेस्टेन्ट सुधारकों का समर्थन किया। सन् 1521 में संत पापा ने लूथर को कलीसिया से निष्कासित किया। इस प्रकार कलीसिया में विभाजन हुआ। मार्टिन लूथर के अनुसार सारी काथलिक कलीसिया भौतिकवाद और कानूनी कार्यवाहियों से ऊपर से नीचे तक दूषित है। मार्टिन लूथर के अनुयायियों ने काथलिक कलीसिया से अलग होकर प्रोटेस्टेन्ट कलीसिया को रूप दिया।
एंग्लिकन कलीसिया की शुरुआत कैसे हुई?
एंग्लिकन कलीसिया की शुरुआत कुछ नैतिक तथा राजनैतिक कारणों से हुई थी। इंग्लैंड के राजा हेनरी आठवाँ अपनी पत्नी केथरिन से संम्बध-विच्छेद कर दूसरी स्त्री से विवाह करना चाहता था। संत पापा क्लेमेन्ट सातवें ने इसके लिए अनुमति देने से इनकार किया। इसपर राजा ने सन् 1529 में कार्डिनल वोल्सी, जो संत पापा को इस मामले में मना नहीं सके, को केन्टरबेरी के महाधर्माध्यक्ष के पद से हटाया। राजा हेनरी ने 1534 में अपने आप को इग्लैंड की कलीसिया का परमाध्यक्ष घोषित किया तथा संत पापा के साथ सम्बन्धों को तोड दिया। इस प्रकार ऐंग्लिकन कलीसिया की शुरुआत हुई।